लोग सामान्यतः दूसरो को अपनी आत्मा के शीशे के द्वारा देखते हैं और उन्हें स्वयं की तरह ही देखते हैं क्योंकि उस शीशे पर धूल जमी है और दाग लगे हुए हैं। इसलिए दूसरों के प्रति उनका विचार पूर्णतः गलत और अनुचित है। यद्यपि ऐसी अशुद्ध आत्मा वाले पापी लोग दूसरों को घाटे में देखते हैं जबकि वास्तव में वे स्वयं ही घाटे में होते हैं।

कुरआन के संदेश में बुद्धिमत्ता
1.1 ऐसा मालूम होता है कि बारिश के होने का समय एवं नवजात बच्चे का अपनी मां के पेट में लिंग क्या होगा उसके बारे में पहले से पता लगाया जा सकता है। क्या इन बातों को कुरआन में जिन पांच रहस्यों का वर्णन किया गया है उस सूची में शामिल करने की अब जरूरत…








